प्रभावितों ने जायज मांगो को पूरा करने प्रबंधन से की मांग, प्रबंधन द्वारा भूख-हड़ताल को बाधित करने रच रहे षड्यंत्र

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हिन्द कोलवासरी प्रबन्धन के खिलाफ कोलवासरी प्रभावित ग्रामीणों-किसानो ने किया अनिश्चितकालीन भूख-हड़ताल

०० हिंडाडीह के कोलवासरी प्रभावित ग्रामीणों-किसानो ने कोलवासरी के मुख्य मार्ग पर कर रहे अनिश्चितकालीन भूख-हड़ताल

०० ग्रामीणों-किसानो के भूख-हड़ताल को प्रभावित करने कोलवासरी प्रबंधन प्रशासन के माध्यम से बना रहे दबाव

०० प्रभावित ग्रामीणों ने दी चेतावनी, भूख-हड़ताल कर रहे ग्रामीणों की मौत के जिम्मेदार होंगे कोलवासरी प्रबंधन

०० प्रभावितों ने जायज मांगो को पूरा करने प्रबंधन से की मांग, प्रबंधन द्वारा भूख-हड़ताल को बाधित करने रच रहे षड्यंत्र

बिलासपुर| हिंडाडीह स्थित हिन्द कोलवासरी प्रभावित ग्रामीणों-किसानो ने एक बार फिर अपनी मांगो को पूरा किए जाने की मांग करते हुए प्रबंधन के खिलाफ अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए है, प्रबंधन की मनमानी व हठधर्मिता के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करते हुए ग्रामीणों ने कोलवासरी प्रबंधन से प्रभावित किसानो-ग्रामीणों को जमीनों का उचित मुआवजा देने, प्रभावित शिक्षित बेरोजगारों को नौकरी देने, कोलवासरी में कोयला परिवहन में लगे वाहन मालिको को उचित भाड़ा देने सहित कई मांगो को पूरा करने की मांग किया है|

हिंडाडीह के ग्रामीण शत्रुघन लास्कर ने बताया कि हिन्द कोलवासरी प्रबंधन द्वारा कोलवासरी प्रारंभ करने के दौरान यहाँ के ग्रामीणों से नौकरी देने सहित कई प्रलोभन देकर कम दाम पर खेती की जमीने ले ली,लेकिन आज तक कोलवासरी प्रभावित किसानो-ग्रामीणों को कोलवासरी में नौकरी पर नहीं रखा गया है| कोलवासरी प्रबंधन द्वारा गाव के ही दो व्यक्तियों के वाहन को कोयला परिवहन के कार्य पर लगाया था जिसका उचित भाँडा नहीं दिए जाने की वजह से सड़क की ख़ाक छानने मजबूर हो गए है| ग्रामीण शत्रुघन लास्कर ने बताया कि हिन्द कोलवासरी प्रबंधन द्वारा किसानो-ग्रामीणों से लिए गए जमीनों का उचित मुआवजा नहीं दिया गया है जिसमे 10 आदिवासी वर्ग, 5 पिछडा व 5 हरिजन वर्ग के लोगो की जमीने प्रबंधन द्वारा ली गई है, इस पुरे मामले को लेकर 10 से ज्यादा बार शासन-प्रशासन को अवगत कराया जा चूका है बावजूद इसके किसी भी तरह से कोलवासरी प्रभावित ग्रामीणों-किसानो को राहत नहीं मिल पाया है| शत्रुघन लास्कर ने हिन्द कोलवासरी प्रबंधन के पवन अग्रवाल, सतीश अग्रवाल, संजय अग्रवाल सहित के.के. तिवारी पूर्व जीएम, रविन्द्र साहू पर आरोप लगाते हुए कहा कि कोलवासरी प्रबंधन की मनमानी व ग्रामीणों की समस्याओ को लेकर सीपत नायब तहसीलदार नीलिमा अग्रवाल को ग्रामीणों द्वारा ज्ञापन सौपा गया तो उन्होंने सीधा ज्ञापन लेने से इनकार कर दिया वही सीपत थाना प्रभारी को धरना भूख-हड़ताल की लिखित जानकारी भी ग्रामीणों द्वारा दी गई थी जिसके बाद सुबह से कोलवासरी प्रबन्धन की मनमानी के खिलाफ कोलवासरी के मुख्य मार्ग पर प्रभावित किसानो-ग्रामीणों ने धरना प्रदर्शन करते हुए भूख-हड़ताल प्रारंभ किया जिसके बाद सीपत थाना प्रभारी द्वारा भी धरना बंद करने की चेतावनी देते हुए धमकी भरे लहजे में ग्रामीणों को धरना ख़त्म करने कहा गया| ग्रामीण शत्रुघन लास्कर ने बताया कि हिन्द कोलवासरी प्रबंधन की मनमानी व वादा खिलाफी के खिलाफ कई बार धरना-प्रदर्शन कर प्रभावित ग्रामीणों किसानो की समस्याओ से प्रबंधन, शासन-प्रशासन को अवगत कराया गया लेकिन किसी भी तरह की सकारातमक परिणाम नहीं निकाला वही बार-बार प्रदर्शन करने की वजह से पिछले ग्रामीण शत्रुघन लास्कर की तबियत भी ख़राब है जिसके बावजूद कोलवासरी प्रभावित ग्रामीणों-किसानो को उनका ह़क दिलाने प्रबंधन की मनमानी के खिलाफ एक बाद फिर भूख-हड़ताल कर अपनी मांगो को पूरा करने की मांग कर रहे है|

भूख-हड़ताल कर रहे ग्रामीणों की मौत के होंगे कोलवासरी प्रबंधन जिम्मेदार :- हिन्द कोलवासरी के मुख्य मार्ग पर अपनी मांगो को पूरा करने अनिश्चतकालीन भूख हड़ताल पर बैठे ग्रामीण शत्रुघन लास्कर ने कहा कि बार-बार प्रदर्शन करने की वजह से पिछले ग्रामीण शत्रुघन लास्कर की तबियत भी ख़राब है जिसके बावजूद कोलवासरी प्रभावित ग्रामीणों-किसानो को उनका ह़क दिलाने भूख हड़ताल कर रहे है, यदि भूख हड़ताल के दौरान उनकी मौत होती है तो उन्होंने हिन्द कोलवासरी प्रबंधन के पवन अग्रवाल, सतीश अग्रवाल, संजय अग्रवाल सहित के.के. तिवारी पूर्व जीएम, रविन्द्र साहू को जिम्मेदार ठहराया है|

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