जांजगीर जिले में पदस्थ जवान पुष्पराज सिंह के मौत की जाॕच सीबीआई करें- डॉ. मनीष राय

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*जांजगीर जिले में पदस्थ जवान पुष्पराज सिंह के मौत की जाॕच सीबीआई करें- डॉ. मनीष राय*


जांजगीर जिले में पदस्थ आरक्षक पुष्पराज सिंह के परिजनों ने प्रशासन द्वारा दी जा रही अनुग्रह राशि लेने से मना कर दिया है |और उसकी मौत को सुनियोजित साजिश बताते हुए मुख्यमंत्री व गृहमंत्री से उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। इधर जिला प्रशासन ने मामले की दंडाधिकारी जांच एसडीएम को सौंपी है।

पुलिस आंदोलन के समर्थन, वरिष्ठ अधिकारियों की सोशल मीडिया पर आलोचना व मुख्यमंत्री राहत कोष में अपने एक साल का वेतन देने की वजह से चर्चा में रहे ,सक्ती में पदस्थ आरक्षक पुष्पराज सिंह की गुरुवार की रात 12.30 बजे जांजगीर में संदिग्ध रूप से एक सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। एक दिन पहले ही उसने सक्ती के थानेदार रविंद्र अनंत के खिलाफ फेसबुक में पोस्ट डाली थी, जिसमें आरोप लगाया था कि थानेदार एक लाख रुपये महीना लेकर जुए का अड्डा चलाते हैं। पहले कई पोस्ट में आरक्षक अपनी जान का खतरा, निलंबन और बर्खास्तगी का आरोप लगाता रहा है। इस बीच यह जानकारी भी आई है कि बीते 30 अप्रैल को बिना सूचना दिए पुष्पराज सिंह ड्यूटी से गायब था, जिसकी जांच 7 मई को एएसपी संजय महादेवा ने पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर शुरू की थी। इसके अलावा एक अन्य बिंदु पर भी जांच हो रही थी ,जिसमें उसने मुलमुला के थानेदार को आरक्षक द्वारा थप्पड़ मारने की सोशल मीडिया पर तारीफ की थी, परिवार के लोगों ने उसकी मौत को दुर्घटना मानने से इन्कार किया है और इसकी जांच कराने की मांग की है।
पुष्पराज सिंह की मौत को डॉ. मनीष राय , राष्ट्रीय संगठन महामंत्री , दुर्घटनामुक्त भारत ने पुलिस प्रशासन की प्रताड़ना और पुलिस अधीक्षक की भुमिका संदिग्ध होना बताया है | श्री राय ने कहा कि होनहार आरक्षक अपने ही विभाग में हो रहे भ्रष्टाचार के मुद्दों को सोशल मीडिया के माध्यम से उठाता रहा है। इससे उसके अचानक मौत से आशंकाएं पैदा हो रही है। मौत का रहस्य सामने लाने के लिये सीबीआई व उच्चस्तरीय जांच जरूरी है।
जांजगीर-चाम्पा कलेक्टर ने मामले की लीपापोती करते हुए पुलिस अधीक्षक की अनुशंसा के बाद जांजगीर की एसडीएम मेनका प्रधान दंडाधिकारी को जांच का निर्देश दिया है। मेनका प्रधान इस समय होम आइसोलेशन पर हैं जिसके कारण जांच शुरू नहीं हुई है। अवकाश से लौटने के बाद जांच शुरू किए जाने की बात की गई है। इससे साफ षड़यंत्र की बू आ रही हैं |जांच के बिंदुओं में आरक्षक की मृत्यु का कारण, मृत्यु के लिए कोई दोषी है या नहीं, क्या किसी संदिग्ध परिस्थितियों के अधीन मौत हुई या प्राकृतिक मौत हुई, शामिल किये गये हैं।
श्री मनीष राय ने जांजगीर की पुलिस अधीक्षक की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर वो इतनी सच्ची है तो अपने पुलिस जवान की मौत पर मौन क्यों है ? इसके पहले भी मुंगेली जिले में पदस्थ रहते हुए पुलिस अधीक्षक की कार्यशैली पर जनता और पत्रकारों ने सवाल उठाये थे और उच्च अधिकारियों से शिकायत भी हुई थी, जिसके बाद दिखाने के लिए स्थानान्तरण कर जांजगीर भेज दिया गया | जहाँ पर एक जवान को अपने जान से हाथ धोना पड़ा | इनकी तानाशाही, बर्बरतापूर्ण रवैया में थानेदार और एसडीओपी भी शामिल हैं जो पुष्पराज सिंह के मौत के जिम्मेदार है | श्री राय ने प्रधानमंत्री कार्यालय व सीबीआई को टविटर के माध्यम से जानकारी देते हुए मामले को संज्ञान में लेकर तत्काल सभी दोषी अधिकारियों पर कड़ी से कड़ी कार्यवाही कर एक सच्चे जवान की आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित किया जा सके | छत्तीसगढ़ प्रदेश में कानून व्यवस्था पहले से ही चौपट हो चुकी हैं ऐसे मे इन लोगो से न्याय की उम्मीद करना बेमानी है |

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