*सेवा कार्य में स्वयंसेवकों ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका* *कोरोना संक्रमण के बीच नि: स्वार्थ सेवा बनी मिसाल*

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(मनीष शुक्ला)

अनूपपुर/ कोविड-19 यानि कोरोना वायरस को लेकर वर्तमान स्थिति चिंताजनक है, किन्तु ऐसे समय में सरकार और प्रशासन के अतिरिक्त हमारा समाज और हमारे कोरोना योद्धा जिस तत्परता और कार्यसिद्धता के लक्ष्य के साथ कार्य कर रहे हैं, वह सराहनीय है । वर्तमान संकट में विभिन्न सामाजिक संगठनों व संस्थाओं ने जिस प्रकार सेवा कार्यों में सहयोग किया है वह अद्वितीय है । संगठनों के सेवा भाव से प्रभावित होकर समाज के हज़ारों लोगों का सेवाभाव के लिए आगे आना प्रेरणादायक है । वास्तव में ऐसे कार्यों से ही भारतीय सामाजिक ताने-बाने की मज़बूती स्पष्ट होती है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक संक्रमण के खतरों के बीच नि: स्वार्थ सेवा और समर्पण की मिसाल कायम कर रहे हैं।*

कोरोना की पहली लहर की ही तरह इस दूसरी लहर में भी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक, सेवा भारती सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों व संस्थाओं के माध्यम से प्रभावित परिवारों व जरूरतमंदों को सहायता उपलब्ध करवाने के कार्य में जुटे हुए हैं. कोविड संकट के इस काल में जबकि ऐसा प्रतीत हो रहा था कि स्थिति पर नियंत्रण पाना बहुत मुश्किल हो जाएगा, ऐसे समय में स्वयंसेवकों द्वारा स्थिति सामान्य करने के लिए आवश्यकतानुसार सेवा के अनेकानेक उपक्रम आरंभ किए गए।

कोरोना के संभावित लोगों हेतु आइसोलेशन केंद्र व संक्रमित रोगियों हेतु कोरोना केयर सेंटर, सरकारी कोविड केयर सेंटरों व अस्पतालों में सहायता उपलब्ध करवाना, उपरोक्त सहायता हेतु हेल्पलाइन नंबर, ऑनलाइन चिकित्सकीय सलाह, रक्तदान, प्लाज्मादान, अंतिम संस्कार हेतु सामग्री व कार्य, आयुर्वेदिक काढ़ा व दवा वितरण, समुपदेशन (काउंसलिंग), ऑक्सीजन आपूर्ति व एम्बुलेंस सेवा जैसे सेवा के कार्य किए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त भोजन, राशन व मास्क वितरण तथा टीकाकरण अभियान व जागरूकता अभियान, शव वाहन जैसे आवश्यक कार्य स्वयंसेवकों ने प्रारंभ किए हैं।
स्वयंसेवकों द्वारा सहायता के लिए पूरे प्रान्त में लगभग 58 स्थानों पर हेल्पलाइन सेंटर्स चलाए जा रहे हैं. इसी प्रकार वैक्सीनेशन शिविर, सहयोग व जागरूकता अभियान में 68 से अधिक स्थानों पर 850 से अधिक कार्यकर्ता लगे हुए हैं, जिसमें अभी तक कई लोगों को वैक्सीनेशन करवाया गया है. महाकौशल प्रान्त में 20 स्थानों पर आइसोलेशन केंद्र संचालित किए जा रहे हैं, जिनमें लगभग 850 से अधिक बिस्तर की व्यवस्था है. इसके साथ ही 2 शहरों में कोविड केयर सेंटर भी चलाए जा रहे हैं, जिनमें 300 से अधिक बिस्तर की व्यवस्था है, इनमें से सभी बिस्तर ऑक्सीजन युक्त हैं. इन केंद्रों के संचालन में 15 से अधिक कार्यकर्ता कार्य कर रहे हैं. इनके अलावा सरकारी कोविड केयर केंद्रों में भी स्वयंसेवक व्यवस्थाओं में सहयोग कर रहे हैं. प्रान्त में 2 शहरों में संचालित 2 सरकारी कोविड केयर केंद्रों में 15 से अधिक कार्यकर्ता सहयोग कर रहे हैं. स्वयंसेवकों ने 10 स्थानों पर रक्तदान शिविरों का आयोजन कर 210 यूनिट रक्तदान करवाया है. प्रान्त में 32 स्थानों पर संचालित चिकित्सकीय हेल्पलाइन के माध्यम से 15750 से अधिक लोग लाभान्वित हुए हैं, इन केंद्रों में 150 से अधिक चिकित्सक सेवाएं प्रदान कर रहे हैं।

1- हेल्पलाइन सेंटर्स – स्थान -58
2- वेक्सिनेशन- स्थान -68
टीकाकरण- संख्या -20650
सहयोग/प्रेरणा- स्थान- 428
कार्यकर्ता- संख्या – 854
3- आइसोलेशन केन्द्र-
स्थान -(शहर) – 20
पलंग संख्या – 850
सेवितजन- 100
कार्यकर्ता- 137
4- कोविड केयर केंद्र-
स्थान -(शहर)- 2
पलंग संख्या 300
सेवितजन ऑक्सीजन युक्त- 300
कार्यकर्ता -15
5- सरकारी कोविड केयर केंद्र में सहयोग
स्थान -(शहर) 2
केंद्र- 2
कार्यकर्ता- 15
6- ऑनलाइन डॉक्टर सलाह-
स्थान -(शहर)- 32
सक्रिय डॉक्टर- 150
सेवितजन- 15750
7- संक्रमित परिवारों /व्यक्तियों को भोजन-
स्थान- 60
भोजन पैकेट- 20500
8- रक्त दान
स्थान- 10
रक्त युनिट- 210
9 – प्लाज्मा दान-
स्थान- 8
सेवितजन -150
10- आयुर्वेदिक काढा वितरण
स्थान – 30
सेवितजन – 8650
11 समुपदेशन केंद्र ( काउंसलिंग )
स्थान- 225
सेवितजन-12000
12 -अंत्यसंस्कार में सेवा-
स्थान- 5

विनोद कुमार
प्रांत प्रचार प्रमुख
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ
महाकोशल प्रांत

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